Thursday, January 28, 2021

मदर्स डे पर पढ़ें माँ पर कही गयी कुछ चुनिंदा शायरी | Maa Shayari Hindi Poetry, Quotes, sms | Mothers Day Shayari

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mothers day shayari in hindi नमस्कार दोस्तों- इस पूरी दुनिया में हमें मां से ज्यादा सच्चा और वास्तविक प्रेम कोई नहीं कर सकता, मां हर इंसान का पहला प्रेम, पहला दोस्त और पहला गुरु होती है क्योंकि एक मां का अपने बच्चे से 9 महीने का अधिक रिश्ता होता है, वह अपने बच्चों को दुनिया से 9 महीने पहले से जानती है, पूरी दुनिया में मां को ईश्वर से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है, क्योंकि मां को ईश्वरीय शक्ति का ही एक प्रतिरूप माना गया है मां शब्द में ही पूरे ब्रह्मांड और सृष्टि की उत्पत्ति का रहस्य सम्मिलित है, इस पूरे संसार में एक मां ही है, जो अपनी संतान के लिए किसी भी परिस्थिति से लड़ जाती है, संतान चाहे कितना भी बुरा क्यों ना हो पर मां का हृदय उससे सदैव प्रेम करता है, आदिकाल से ही ना जाने कितने कवि, शायर और लेखकों ने मां की परिभाषा पर अपने विचार लिखे हैं, हालांकि मां की परिभाषा को शब्दों में परिभाषित करना शायद किसी के भी बस की बात नहीं है तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में भी मां पर कही गई कुछ बेहतरीन शायरी का कलेक्शन है जो आपको जरूर पसंद आएगी तो चलिए दोस्तों पेश है maa shayari,mothers day shayari, maa shayari hindi, maa shayari, maa ke liye shayari, Maa Shayari in Hindi, maa par shayari, mom shayari, maa ke upar shayari, shayari on mother, mummy ke liye shayari, maa ki shayari, Shayari on Mother in Hindi, maa shayari 2 lines, maa shayari hindi in english, mothers day shayari, mothers day shayari in hindi, happy mothers day shayari, mother's day 2023 shayari

Maa Shayari in Hindi
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Maa Shayari In Hindi

इस दुनिया में जितने रिश्ते सारे झूठे बेहरूप,,

एक माँ का रिश्ता सबसे अच्छा माँ है रब का रूप।

Maa Shayari In English

is duniya mein jitane rishte saare jhuthe beharoop,, 

ek maa ka rishta sabase achchha maa hai rab ka roop.



 

                         

तकिए बदले हमने बेशुमार, 

लेकिन तकिए हमें सुलाते नहीं,

बेखबर थे हम कि तकिए में, 

मां की गोद को तलाशते नहीं।

takiye badale hamane beshumaar, 

lekin takiye hamen sulaate nahin, 

bekhabar the ham ki takiye mein, 

maa ki god ko talaashate nahin.



 

                         

एक बेवफा को मैंने गले से लगा लिया

हीरा समझ कर काँच का टुकड़ा उठा लिया,

दुश्मन तो चाहता था मुझको मिटाना मगर

माँ की दुआओ ने शफ़ी मुझको बचा लिया।

ek bevafa ko mainne gale se laga liya 

heera samajh kar kaanch ka tukada utha liya, 

dushman to chaahata tha mujhako mitaana magar 

maa ki duao ne shafi mujhako bacha liya.



 

                         

ना जाने माँ क्या मिलाया करती हैं आटे मे,

ये घर जैसी रोटियाँ और कहीं मिलती नहीं।

na jaane maa kya milaaya karati hain aate me, 

ye ghar jaisi rotiyaan aur kaheen milati nahin.




 
                         

उमर भर तेरी मोहब्बत मेरी खिदमतगार रही माँ,

मैं तेरी खिदमत के काबिल जब हुआ तू चली गयी माँ।

umar bhar teri mohabbat meri khidamatgaar rahi maa, 

main teri khidamat ke kaabil jab hua tu chali gayi maa.



 

                         

जन्नत के हर लम्हे का दीदार किया था,

गोद में लेकर जब मॉ ने प्यार किया था।

jannat ke har lamhe ka deedaar kiya tha,

 god mein lekar jab maa ne pyaar kiya tha.



 

                         

मेरी खातिर तेरा रोटी पकाना याद आता है

अपने हाथो को चूल्हे में जलाना याद आता है,

वो डांट-डांट कर खाना खिलाना याद आता है

मेरे वास्ते तेरा पैसा बचाना याद आता है।

meri khaatir tera roti pakaana yaad aata hai 

apane haatho ko choolhe mein jalaana yaad aata hai, 

vo daant-daant kar khaana khilaana yaad aata hai 

mere vaaste tera paisa bachaana yaad aata hai.



 

                         

हम खुशियों में मां को भले ही भूल जाए,

जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है मां।

ham khushiyon mein maa ko bhale hi bhool jaye, 

jab museebat aa jaye to yaad aati hai maa.



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माँ पहले आँसू आते थे तो तुम याद आती थी,

आज तुम याद आती हो और आँसू निकल आते है।

maa pahale aansu aate the to tum yaad aati thi, 

aaj tum yaad aati ho aur aansu nikal aate hai. 



 

                         

एक मुद्दत से मेरी माँ नहीं सोई 'ताबिश',

मैं ने इक बार कहा था मुझे डर लगता है।

          - अब्बास ताबिश

ek muddat se meri maa nahin soi taabish,

 maine ik baar kaha tha mujhe dar lagata hai. 

           - abbaas taabish



 

                         

वो लम्हा जब मेरे बच्चे ने माँ पुकारा मुझे,

मैं एक शाख़ से कितना घना दरख़्त हुई।

vo lamha jab mere bachche ne maa pukaara mujhe, 

main ek shaakh se kitana ghana darakht hui.



 

                         

नादान हो जो उम्र गँवाते हो वफा की तलाश में,

गर जो आए समझ तो माँ की गोद में जाकर देखो।

naadaan ho jo umr ganvaate ho vafa ki talaash mein, 

gar jo aaye samajh to maa ki god mein jaakar dekho.



 

                         

रूह के रिश्तों की ये गहराइयाँ तो देखिये

चोट लगती है हमें और तड़पती है माँ,

हम खुशियों में माँ को भले ही भूल जायें

जब मुसीबत आती है तो याद आती है माँ।

rooh ke rishton ki ye gaharaiyaan to dekhiye 

chot lagati hai hamen aur tadapti hai maa, 

ham khushiyon mein maan ko bhale hi bhool jaayen 

jab museebat aati hai to yaad aati hai maa.



 

                         

हर मंदिर, हर मस्जिद और हर चौखट पर माथा टेका,

दुआ तो तब कबूल हुई जब मां के पैरों में माथा टेका।

har mandir, har masjid aur har chaukhat par maatha teka, 

dua to tab kabool hui jab maa ke pairon mein maatha teka.



 

                         

पहाड़ो जैसे सदमे झेलती है उम्र भर लेकिन,

इक औलाद की तकलीफ़ से माँ टूट जाती है।

pahaado jaise sadame jhelati hai umr bhar lekin, 

ik aulaad ki takaleef se maa toot jaatee hai.



shayari on mothers day | Maa Shayari in Hindi
 
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किसी भी मुश्किल का अब किसी को हल नहीं मिलता,

शायद अब घर से कोई "मां" के पैर छूकर नहीं निकलता।

 kisi bhi mushkil ka ab kisi ko hal nahin milata, 

shaayad ab ghar se koi "maa" ke pair chhukar nahin nikalata.



 

                         

माँ की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा

माँ की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा,

खुदा ने रख दी हो जिस के कदमों में जन्नत

सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा।

maa ki ajamat se achchha jaam kya hoga 

maa ki khidamat se achchha kaam kya hoga, 

khuda ne rakh di ho jis ke kadamon mein jannat 

socho usake sar ka mukaam kya hoga.



 

                         

न जाने क्यों आज के इंसान इस बात से अनजान हैं,

छोड़ देते हैं बुढ़ापे में जिसे वो माँ तो एक वरदान है।

na jaane kyon aaj ke insaan is baat se anajaan hain, 

chhod dete hain budhaape mein jise vo maa to ek vardaan hai.



 

                         

हजारो गम है जिन्दगी में फिर माँ मुस्कराती है,

........  तो हर गम भूल जाता हू।

hajaaro gam hai jindagi mein phir maa muskaraati hai, 

........ to har gam bhool jaata hoo.



 

                         

घर में धन, दौलत, हीरे, जवाहरात सब आए,

लेकिन जब घर में "मां" आई तब खुशियां आई।

ghar mein dhan, daulat, heere, javaahraat sab aaye, 

lekin jab ghar mein "maa" aai tab khushiyaan aai.



 

                         

गरीब हूँ किसी ज़रदार से नहीं मिलता

जमीर बेच कर किसी मक्कार से नहीं मिलता,

जो हो सके तो इसको संभाल कर रखना

ये माँ का प्यार है बाजार में नहीं मिलता।

gareeb hoon kisi zardaar se nahin milata

 jameer bech kar kisi makkaar se nahin milata, 

jo ho sake to isako sambhaal kar rakhana

 ye maan ka pyaar hai baajaar mein nahin milata.



 


                         

खुशी में माँ ग़म में माँ, 

ज़िन्दगी के हर पहलू में माँ,

दर्द को भाप ले आंसुओं को नाप ले, 

ज़िन्दगी के हर कदम पर माँ

khushi mein maa gam mein maa, 

zindagi ke har pahalu mein maa, 

dard ko bhaap le aansuon ko naap le, 

zindagi ke har kadam par maa



 

                         

ठोकर न मार मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं

हैरत से न देख मुझे मंज़र नहीं हूँ मैं,

तेरी नज़रों में मेरी क़दर कुछ भी नहीं

मेरी माँ से पूछ उसके लिए क्या नहीं हूँ मैं।

thokar na maar mujhe patthar nahin hoon main 

hairat se na dekh mujhe manzar nahin hoon main, 

teri nazaron mein meri qadar kuchh bhi nahin meri 

maa se poochh usake liye kya nahin hoon main.



 

                         

दुआ है रब से वो शाम कभी ना आए,

...... जब माँ दूर मुझसे हो जाए।

dua hai rab se vo shaam kabhi na aaye, 

...... jab maa door mujhase ho jaye.



mothers day shayari | mother's day 2023 shayari
 
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खूबसूरती की इंतहा बेपनाह देखी,

जब मैंने मुस्कराती हुई माँ देखी।

khubasurati ki intaha bepanah dekhi, 

jab mainne muskaraati hui maa dekhi.



 

                         

कल अपने-आप को देखा था माँ की आँखों में

.......  ये आईना हमें बूढ़ा नहीं बताता है

             - मुनव्वर राना

 kal apane-aap ko dekha tha maa ki aankhon mein 

....... ye aaeena hamen budha nahin bataata hai 

         - munavvar raana



 

                         

"बालाएं" आकर भी मेरी चौखट से लौट जाती हैं,

मेरी माँ की "दुआएं" भी कितना असर रखती हैं।

"baalaen" aakar bhi meri chaukhat se laut jaati hain, 

meri maa ki "duayen" bhi kitana asar rakhati hain.



 

                         

हर घड़ी दौलत कमाने में इस तरह मशरूफ रहा मैं,

पास बैठी अनमोल "मां" को भूल गया मैं।

har ghadi daulat kamaane mein is tarah masharoof raha main, 

paas baithi anamol "maa" ko bhool gaya main.



 

                         

जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,

माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है।

          - मुनव्वर राना 

jab bhi kashti meri sailaab mein aa jaati hai, 

maa dua karati hui khvaab mein aa jaati hai. 

          - munavvar raana



 

                         

माँ तो जन्नत का फूल है

प्यार करना उसका उसूल है,

दुनिया की मोहब्बत फिजूल है 

माँ की हर दुआ कबूल है,

माँ को नाराज करना इंसान तेरी भूल है

माँ के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है।

maa to jannat ka phool hai 

pyaar karana usaka usool hai, 

duniya ki mohabbat phijool hai 

maan ki har dua kabool hai, 

maan ko naaraaj karana insaan 

teri bhool hai 

maa ke kadamo ki mitti jannat ki dhool hai.



 

                         

वह माँ ही है जिसके रहते जिंदगी में कोई गम नहीं होता,

दुनिया साथ दे या ना दे पर माँ का प्यार कभी कम नहीं होता।

vah maa hi hai jisake rahate jindagi mein koi gam nahin hota, 

duniya saath de ya na de par maa ka pyaar kabhi kam nahin hota.



 

                         

खयाल-ए-यार हर एक ग़म को टाल देता है

सुकून दिल को तुम्हारा जमाल देता है,

ये मेरी माँ की दुआओ का फ़ैज़ है मुझ पर

मैं डूबता हूँ तो समंदर उछाल देता है।

khayaal-e-yaar har ek gam ko taal deta hai 

sukoon dil ko tumhaara jamaal deta hai, 

ye meri maa ki duao ka faiz hai mujh par

 main doobata hoon to samandar uchhaal deta hai.



 
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जब - जब कागज पर लिखा, मैंने माँ का नाम,

कलम अदब से बोल उठी, हो गये चारों धाम।

jab - jab kaagaj par likha, mainne maan ka naam, 

kalam adab se bol uthi, ho gaye chaaron dhaam.



 

                         

कल माँ की गोद में.. आज मौत की आग़ोश में,

हम को दुनिया में ये दो वक़्त बड़े सुहाने से मिले।

kal maa kee god mein.. aaj maut ki aagosh mein, 

ham ko duniya mein ye do vaqt bade suhaane se mile.



 

                         

घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में,

मिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में।

ghar laut ke royenge maa baap akele mein, 

mitti ke khilaune bhi saste na the mele mein.



 

                         

अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा,

मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है।

abhi zinda hai maa meri mujhe kuchh bhi nahin hoga, 

main ghar se jab nikalata hoon dua bhi saath chalati hai.



 

                         

मैं करता रहा सैर जन्नत में रातभर सुबह,

आँख खुली तो देखा सर माँ के कदमों में था।

main karata raha sair jannat mein raatabhar subah, 

aankh khuli to dekha sar maa ke kadamon mein tha.



 

                         

माँ से बड़कर कोई नाम क्या होगा

इस नाम का हमसे एहतराम क्या होगा,

जिसके पैरों के नीचे जन्नत है

उसके सर का मक़ाम क्या होगा।

maa se badakar koi naam kya hoga 

is naam ka hamase ehataraam kya hoga, 

jisake pairon ke neeche jannat hai 

usake sar ka maqaam kya hoga.





                         

इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है

माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है

           - मुनव्वर राना

is tarah mere gunaahon ko vo dho deti hai 

maa bahut gusse mein hoti hai to ro deti hai 

          - munavvar raana 




                         

मुसीबतों ने मुझे काले बादल की तरह घेर लिया,

जब कोई राह नजर नहीं आई तो मां याद आई।

museebaton ne mujhe kaale baadal ki tarah gher liya, 

jab koi raah najar nahin aai to maa yaad aai.



 

                         

रूह के रिश्तो की यह गहराइयां तो देखिए,

चोट लगती है हमें और दर्द मां को होता है।

rooh ke rishto ki yah gaharaiyaan to dekhiye, 

chot lagati hai hamen aur dard maa ko hota hai.



 

                         

हालात बुरे थे मगर अमीर बना कर रखती थी,

हम गरीब थे यह बस हमारी मां जानती थी।

haalaat bure the magar ameer bana kar rakhati thi, 

ham gareeb the yah bas hamaari maa jaanati thi.



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यूं तो मैंने बुलन्दियों के हर निशान को छुआ,

जब माँ ने गोद में उठाया तो आसमान को छुआ।

yoon to mainne bulandiyon ke har nishaan ko chhua, 

jab maa ne god mein uthaaya to aasamaan ko chhua.



 

                         

यूं ही नहीं गूंजती किलकारियां‬ घर आँगन‬ के कोने में,

जान ‎हथेली‬ पर रखनी‪ पड़ती है माँ को माँ‬ होने में।

yoon hi nahin goonjati kilakaariyaan‬ ghar aangan‬ ke kone mein, 

jaan ‎hatheli‬ par rakhani‪ padati hai maa ko maan hone mein.



 

                         

चलती फिरती आँखों से अजां देखी है,

मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है।

chalati firatee aankhon se ajaan dekhi hai, 

mainne jannat to nahin dekhi hai maa dekhi hai.



 

                         

सबकुछ मिल जाता है दुनिया में मगर

याद रखना की बस माँ-बाप नहीं मिलते,

मुरझा कर जो गिर गए एक बार डाली से

ये ऐसे फूल हैं जो फिर नहीं खिलते।

sabakuchh mil jaata hai duniya mein magar 

yaad rakhana ki bas maan-baap nahin milate, 

murajha kar jo gir gaye ek baar daali se 

ye aise phool hain jo phir nahin khilate.



 

                         

माँ की बूढी आंखों को अब कुछ दिखाई नहीं देता, "लेकिन" 

वर्षों बाद भी आंखों में लिखा हर एक अरमान पढ़ लिया।

maa ki budhi aankhon ko ab kuchh dikhai nahin deta, 

"lekin" varshon baad bhi aankhon mein likha har ek aramaan padh liya.



 


                         

शहर में आ कर पढ़ने वाले ये भूल गए,

किस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था।

shahar mein aa kar padhane vaale ye bhool gaye, 

kis ki maa ne kitana zevar becha tha.



 

                         

हर झुला झूल के देखा पर ......

माँ के हाथ जैसा जादू कही नही देखा।

har jhula jhool ke dekha par 

 maa ke haath jaisa jaadu kahi nahi dekha.



 

                         

वो लिखा के लाई है किस्मत में जागना,

माँ कैसे सो सकेगी कि बेटा सफ़र में है।

vo likha ke lai hai kismat mein jaagana,

 maa kaise so sakegi ki beta safar mein hai.



 


                         

कोई दुआ असर नहीं करती 

जब तक वो हम पर नजर नहीं करती,

हम उसकी खबर रखे न रखे 

वो कभी हमें बेखबर नहीं करती।

koi dua asar nahin karati 

jab tak vo ham par najar nahin karati, 

ham usaki khabar rakhe na rakhe 

vo kabhi hamen bekhabar nahin karati.



माँ क्या होती है शायरी? | Maa Shayari in Hindi
maa ke liye shayari
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ऐ अँधेरे देख मुँह तेरा काला हो गया,

माँ ने आँखें खोल दी घर में उजाला हो गया।

aye andhere dekh munh tera kaala ho gaya, 

maa ne aankhen khol di ghar mein ujaala ho gaya.



 

                         

जमाने ने इतने सितम दिए की रूह पर भी जख्म लग गया,

... "मां" ने सर पर हाथ रख दिया तो मरहम लग गया।

jamaane ne itane sitam diye ki rooh par bhi jakhm lag gaya, ... 

"maan" ne sar par haath rakh diya to maraham lag gaya.



 

                         

जरा सी बात है लेकिन हवा को कौन समझाए,

कि मेरी माँ दिए से मेरे लिए काजल बनाती है।

jara si baat hai lekin hava ko kaun samajhaye, 

ki meri maa diye se mere liye kaajal banaati hai.



 

                         

जो सब पर कृपा करे उसे ईश्वर कहते है,

जो ईश्वर को भी जन्म दें उसे मां कहते है।

jo sab par kripa kare use ishvar kahate hai, 

jo ishvar ko bhi janm de use maa kahate hai.



 

                         

नींद भी भला इन आँखों में कहाँ आती है,

एक अर्से से मैंने अपनी माँ को नहीं देखा।

neend bhi bhala in aankhon mein kahaan aati hai, 

ek arse se mainne apani maa ko nahin dekha.



 

                         

जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,

में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।

jisake hone se main khud ko mukkammal maanata hoon, 

mein khuda se pahale meri maa ko jaanata hoon.



 

                         

ऊपर जिसका अंत नहीं उसे ,आसमां, कहते हैं,

इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे ,माँ, कहते हैं।

upar jisaka ant nahin use ,aasamaan, kahate hain, 

is jahaan mein jisaka ant nahin use ,maa, kahate hain.



 

                         

दुआ को हाथ उठाते हुए लरज़ता हूँ,

कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए।

dua ko haath uthaate huye larazata hoon,

 kabhi dua nahin maangi thi maa ke hote huye.


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तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ "फ़लक,"

मुझ को अपनी "माँ" की मैली ओढ़नी अच्छी लगी।

               - मुनव्वर राना

tere daaman mein sitaare hain to honge aye "falak," 

mujh ko apani "maan" ki maili odhani achchhi lagi. 

            - munavvar raana



 

                         

बहुत बेचैन हो जाता है जब कभी दिल मेरा,

मैं अपने पर्स में रखी माँ की तस्वीर को देख लेता हूँ।

bahut bechain ho jaata hai jab kabhi dil mera, 

main apane pars mein rakhi maa ki tasveer ko dekh leta hoon.



 

                         

भूल जाता हूँ परेशानियां ज़िंदगी की सारी,

माँ अपनी गोद में जब मेरा सर रख लेती है

bhool jaata hoon pareshaniyan zindagi ki saari, 

maa apani god mein jab mera sar rakh leti hai.



 

                         

जब भी देखा मेरे किरदार पे धब्बा कोई,

देर तक बैठ के तन्हाई में रोया कोई।

jab bhi dekha mere kiradaar pe dhabba koi, 

der tak baith ke tanhai mein roya koi.



 

                         

वो उजला हो के मैला हो या मँहगा हो के सस्ता हो,

ये माँ का सर है, इस पे हर दुपट्टा मुस्कुराता है।

vo ujala ho ke maila ho ya manhaga ho ke sasta ho, 

ye maa ka sar hai, is pe har dupatta muskuraata hai.



 

                         

ना आसमां होता ना जमीं होती, अगर मां तुम ना होती।

na aasamaan hota na jameen hoti, agar maa tum na hoti.



 

                         

सीधा साधा भोला भाला मैं ही सब से सच्चा हूँ,

कितना भी हो जाऊं बड़ा, माँ आज भी तेरा बच्चा हूँ।

seedha saadha bhola bhaala main hi sab se sachcha hoon, 

kitana bhi ho jaoon bada, maa aaj bhi tera bachcha hoon.



 

                         

बेसन की रोटी पर, खट्टी चटनी सी "माँ"

याद आती है चौका, बासन, चिमटा, फूंकनी जैसी माँ।

besan ki roti par, khatti chatani si "maa" 

yaad aati hai chauka, baasan, chimata, phunkani jaisee maa.





                         

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई

मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई

                - मुनव्वर राना

kisi ko ghar mila hisse mein ya koi dukaan aai 

main ghar mein sab se chhota tha mire hisse mein maa aai 

                         - munavvar raana



 

                         

उसके चहरे पे न कभी थकावट देखी है,

न ममता में कभी मिलावट देखी है।

usake chahare pe na kabhi thakaavat dekhi hai, 

na mamata mein kabhi milaavat dekhi hai.



maa ke liye shayari | maa shayari hindi
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गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने,

भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी।

gin leti hai din bagair mere gujaaren hain kitane, 

bhala kaise kah doon ki maa anapadh hai meri.



 

                         

चलती हुई हवाओ से खुशबू महक उठी है,

माँ-बाप की दुआओं से किस्मत चमक उठी है।

chalati hui havao se khushabu mahak uthi hai, 

maan-baap ki duaon se kismat chamak uthi hai.



 

                         

रूह के रिश्तों की ये गहराइयाँ तो देखिये

चोट लगती है हमें और तड़पती है माँ,

हम खुशियों में माँ को भले ही भूल जायें

जब मुसीबत आती है तो याद आती है माँ।

rooh ke rishton ki ye gaharaiyaan to dekhiye 

chot lagati hai hamen aur tadapati hai maa, 

ham khushiyon mein maa ko bhale hi bhool jaayen 

jab museebat aati hai to yaad aati hai maa. 




 

                         

हँस कर मेरा हर गम भुलाती है माँ

मैं रोता हूँ तो सीने से लगाती है माँ,

बहुत दर्द दिया है इस ज़माने ने मुझको

सब कुछ झेलकर जीना सिखाती है माँ।

hans kar mera har gam bhulaati hai maa 

main rota hoon to seene se lagaati hai maa, 

bahut dard diya hai is zamaane ne mujhako 

sab kuchh jhelakar jeena sikhaati hai maa.



 


                         

"माँ" की दुआ कभी खाली नहीं जाती

माँ की बात कभी टाली नहीं जाती,

अपने सब बच्चे पाल लेती है बर्तन धोकर

और बच्चों से एक माँ पाली नहीं जाती।

maa" ki dua kabhi khaali nahin jaati 

maa ki baat kabhi taali nahin jaati, 

apane sab bachche paal leti hai bartan dhokar 

aur bachchon se ek maa paali nahin jaati.



तो दोस्तों- यह थे मदर्स डे पर माँ पर कही गयी कुछ चुनिंदा शायरी Maa Shayari in Hindi, maa par shayari, mom shayari, maa pe shayari, maa ke upar shayari, man ke liye shayari, mothers day shayari, mothers day shayari in hindi, happy mothers day shayari, mothers day wishes in hindi, mother's day 2023 shayari जो अगर आपको पसंद आई हो तो कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं
दोस्तों- कहते हैं जिसके पास उनके माता-पिता है वह कभी गरीब नहीं होता, क्योंकि पैसा तो आता जाता रहता है, लेकिन पैसे से कहीं ज्यादा कीमती मां-बाप का प्यार होता है इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं है, ऐसे लोगों से जाकर पूछना कि वह लोग अपने माता पिता को कितना मिस करते हैं इसलिए यदि आपके माता-पिता अभी आपके पास है. तो उनका सम्मान (कद्र) करें, उनसे प्रेम करें क्योंकि मां का ममतामई स्पर्श और निश्चल प्रेम पाकर इंसान अपने सारे दुख दर्द भूल जाता है अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें www.technofriendajay.in पर विजिट करने के लिए आपका ~ धन्यवाद ~ जय हिंद ~ भारत माता की जय ~

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