दुनिया कितनी भी अपग्रेडेड हो जाए लौंडापा कभी विलुप्त नहीं होगा | heart touching short story in hindi

 

gav ki yaad story
Heart Touching Emotional Short Story In Hindi

नमस्कार दोस्तों_ आज के इस पोस्ट में मैं आप लोगों के लिए short story on village boy life in hindi लेकर आया हूं,  अगर आपने अपना लड़कपन गांव में बिताया है तो आपको हिंदी स्टोरी जरूर पसंद आएगी 

अगर आपको ये short story in hindi पसंद आती है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करना ना भूले तो चलिए दोस्तों पेश है heart touching short story in hindi

इमोशनल स्टोरी, हार्ट टचिंग स्टोरी इन हिंदी

 दुनिया कितनी भी अपग्रेडेड हो जाए लौंडापा कभी विलुप्त नहीं होगा...

आज भी अजय देवगन की दिलवाले वाली हेयर स्टाइल में कहीं ना कहीं, कोई ना कोई सपना के सपनों में खोया होगा……


आज भी कहीं फंस रही होगी पुरानी CD की कैसेट साईकिल की दो तीलियों के बीच…..

आज भी कहीं कोई आशिक बना रहा होगा अपनी कॉपी के पीछे तीर वाला दिल…

आज भी कोई लौंडा चिल्लम खींच रहा होगा पुलिया पे बैठ…..

कोई ना कोई जी रहा होगा वो ज़िन्दगी… जो मुक्त है सभी प्रोटोकॉल से…..

जहाँ वास्तविकता है बिना किसी थोथेबाजी के……

जहाँ inception झेलने वाला चुतियापा नहीं होता….


जहां खुल के नाच

होता है कट्टो गिलहरी वाले गाने पे……

जहाँ संतुष्टि किसी दिखावे की मोहताज नहीं……

क्यूँ कि अपने व्यक्तित्व को परिवर्तित ना करना ही अखण्ड सत्य है….. यथार्थ है…..

ये मात्र एक गाँव की छवि नहीं है…..

बल्कि उस शहर की भी है जहां हम जैसे लौंडे रहते हैं……..


जो अम्बिएंस मॉल के चौथी मंजिल वाले पब में पिटबुल के गाने एन्जॉय करने के बाद…..

घर में आ के फुल बेस में 90s का “तू धरती पे चाहे जहाँ भी रहेगी” वाला गाना सुन कर ही चैन पाते हैं…..

जिन्हें स्कार्लेट जॉनसन सिर्फ पिच्चरों में अच्छी लगती है…..

असल ज़िन्दगी में उन्हें तलाश है किसी दिव्या भारती की…

जो किसी MNC में बैठ कोडिंग करते हुए गोता लगाने चले जाते हैं गाँव के बाहर वाले तालाब में…..


जिनके ज़ेहन में आज भी जिंदा है उनका अतीत…..

हाँ मैं उनमे से एक हूँ…..

देश के किसी बड़े शहर में चला जाऊं

लेकिन अपना छोटा सा गाँव अपनी आँखों और अंदाज में ले के चलता हूँ…..

सोसाइटी के गार्ड से बात करने में मेरी रेपुटेसन में कोई आंच नहीं आती

सामने वाला कितना पैसा वाला है या कितना रुतबा वाला घण्टा नहीं फर्क पड़ता..

सड़क की किनारे लगे गन्ने का जूस पीने में मेरी मॉडर्निटी आड़े नहीं आती…

कहीं गाड़ी से उतर कर ठेले  पर खोमचे खा लेने में आनन्द की अनुभूति होती है

रेलवे क्रॉसिंग बन्द होने पर झुका के गाड़ी निकाल लेना

हेलमेट के अंदर हेडफोन डालकर 30-40 के स्पीड में चलते हुए कुमार शानू और सोनू निगम को सुनना


बिना वजह बाईक की तड़तड़ाहट से सामने वाले को डिस्टर्ब कर देना . ...

भोश्री वाले चाचा को भी जरूरत पड़ने पर उनके बेटे से भी बढ़कर साथ देना..

जिससे कोई मतलब कोई पहचान नही उसके सहयोग के लिए भी निःस्वार्थ तैयार रहना..!

मैं ऐसा ही हूँ….

ऐसा ही रहूँगा…..

दुनिया और अपग्रेड होगी….

मैं भी होऊंगा….

समय बदलेगा….

बुढ़ापा आएगा…. लेकिन फिर भी दिल लौंडा ही रहेगा !!

तुम भागो पैसे के पीछे मुझे बस मस्त जीना है मस्त रहना है मैं मरूँगा भी सुखी मुझे जिंदगी की धज्जियाँ उड़ानी है best Short Story In Hindi 

लेखक : अज्ञात

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