Sunday, May 9, 2021

गीता के सर्वश्रेष्ठ सुविचार | Geeta quotes in hindi & english | bhagavad gita quotes


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सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में  है ना ही कहीं और.

Neither in this world nor elsewhere is there any happiness in store for him who always doubts.



स्वर्ग प्राप्त करने और वहां कई वर्षों तक वास करने के पश्चात 

एक असफल योगी का पुन: एक पवित्र और समृद्ध कुटुंब में जन्म होता है |

 After attaining heaven and residing there for many years,

 a failed yogi is born again in a holy and prosperous family.



आत्मा किसी काल में भी न जन्मता है और न मरता है 

और न यह एक बार होकर फिर अभाव रूप होने वाला है,

आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत और पुरातन है, 

शरीर के नाश होने पर भी इसका नाश नहीं होता।

The soul is never born, 

it never dies having come into being once, 

it never ceases to be.

Unborn, eternal, abiding and primeval, 

it is not slain when the body is slain.



ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, वही सही मायने में  देखता है.

The wise sees knowledge and action as one, they see truly.



नरक के तीन द्वार होते है, वासना, क्रोध और लालच।

Hell has three gates, lust, anger and greed.



अपने मन को नियंत्रित करना सीखो,

नहीं तो यह आपके साथ शत्रुवत आचरण करेगा |

Learn to control your mind, 

otherwise it will be hostile to you.



मनुष्य को केवल अपने कर्म पर ही विश्वास करना चाहिए, 

कर्म श्रेष्ठ होगा तो फल भी वैसा प्राप्त होगा |

A man should only believe in his karma, 

if the karma is superior then the fruit will be the same.



हर व्यक्ति का विश्वास उसकी प्रकृति के अनुसार होता है।

The faith of each is in accordance with one’s own nature.



धरती पर मनुष्य का जन्म किसी विशेष उद्देश्य के लिए होता है,

और जो उस कर्म से वंचित रहता है,उसे मोक्ष नहीं मिल पाता है |

Man is born on earth for a particular purpose, 

and he who is deprived of that karma, does not get salvation.


geeta par Suvichar

Geeta Thoughts in Hindi
Geeta Thoughts in Hindi


मनुष्य के दुख का कारण उसका प्रेम ही है,

वह जितना अधिक मोह करेगा उतना ही अधिक कष्ट भी भोगेगा |

The reason for man's sorrow is his love, 

the more he will be tempted, the more will he suffer.



अपने अनिवार्य कार्य करो, क्योंकि वास्तव में कार्य करना निष्क्रियता से बेहतर है.

Perform your obligatory duty, because action is indeed better than inaction.



जिस प्रकार अग्नि स्वर्ण को परखती है, 

उसी प्रकार संकट वीर पुरुषों को।

Just as fire tests gold, so do men of distress.



क्रोध से उत्पन्न होता है मोह और मोह से स्मृति विभ्रम,

स्मृति के भ्रमित होने पर बुद्धि का नाश होता है

और बुद्धि के नाश होने से वह मनुष्य नष्ट हो जाता है।

From anger there comes delusion, from delusion, 

the loss of memory; from the loss of memory,

the destruction of discrimination, and with the destruction of discrimination, he is lost.



जब तक आप अच्छा काम करते हैं, तब तक चिंता न करें।

Do not worry at all as long as you do good work.



मनुष्य जिस भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है, 

मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ |

Whichever God wishes to worship with faith, 

I strengthen his faith in that deity.



मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से 

भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है,

 और लगातार तुम्हे बस एक साधन की तरह प्रयोग कर के सभी कार्य कर रही है.

The power of God is with you at all times, 

through the activities of mind, 

senses, breathing, and emotions, and is constantly doing all the work using you as a mere instrument.



क्रोध से  भ्रम  पैदा होता है. भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है. 

जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है. 

जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है.

Delusion arises from anger. 

The mind is bewildered by delusion. 

Reasoning is destroyed when the mind is bewildered. 

One falls down when reasoning is destroyed.



चिंता जीवन में कुछ भी मदद या निर्माण नहीं करती है।

Worries help or build nothing in life.


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Geeta Thoughts in Hindi

Bhagwat geeta in hindi,
गीता के अनमोल विचार


यह सृष्टि कर्म क्षेत्र है,बिना कर्म किये यहाँ कुछ भी हासिल नहीं हो सकता |

This creation is a field of karma, 

nothing can be achieved here without doing karma.




कुछ वस्तु लेना उसी इन्सान से सही रहा है, 

जो बदले में किसी वस्तु पाने की लालसा न रखता हो |

Taking something is right from the person who does not have the desire to get something in return.



जो भी होता है वह सब एक कारण से होता है।

Whatever happens is all for a reason.



भगवान प्रत्येक वस्तु में है और सबके ऊपर भी...

God is in everything as well as above everything.



निर्माण केवल पहले से मौजूद चीजों का प्रक्षेपण है. 

Creation is only the projection into form of that which already exists.



हमारे बुरे होने का कारण और हमारे दुख का कारण हम खुद ही है .

We ourselves are the reason for our badness and our sorrow.



जन्म लेने वाले के लिए मृत्यु उतनी ही निश्चित है 

जितना कि मृत होने वाले के लिए जन्म लेना, 

इसलिए जो अपरिहार्य है उस पर शोक मत करो...

Death is as sure for that which is born, 

as birth is for that which is dead. 

Therefore grieve not for what is inevitable.



प्रबुद्ध व्यक्ति के लिए, गंदगी का ढेर, पत्थर, और सोना सभी समान हैं.

To the illumined man or woman, a clod of dirt, a stone, and gold are the same.



श्रेष्ठ बनना भी एक महानता है,क्योंकि समाज में लोग श्रेष्ठ पुरुषों का ही अनुसरण करते है.

Becoming superior is also a greatness, because people in society follow only superior men.



आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते और न अग्नि इसे जला सकती है 

जल इसे गीला नहीं कर सकता और वायु इसे सुखा नहीं सकती।

Weapons do not cleave the soul, fire does not burn it, waters do not wet it, 

and wind does not dry it.


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ईश्वर ही भूत, वर्तमान और भविष्य के सभी प्राणियों को जानता है, 

किन्तु वास्तविकता में उस परमात्मा को कोई नहीं जानता |

God only knows all the creatures of the past, 

present and future, but in reality no one knows that God.



जो चीज हमारे दायरे से बाहर हो,उसमें समय गंवाना मूर्खता ही होगी.

It would be foolish to waste time in a scream that is beyond our scope.



उससे मत डरो जो वास्तविक नहीं है, ना कभी था ना कभी होगा,

जो वास्तविक है, वो हमेशा था और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता.

Fear not what is not real, never was and never will be.

 What is real, always was and cannot be destroyed.



आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान के 

संदेह को  अलग कर दो, अनुशाषित रहो, उठो.

Sever the ignorant doubt in your heart with the sword of self-knowledge. 

Observe your discipline. Arise.



मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं और जो मुझसे प्रेम करते हैं...

I give the knowledge, to those who are ever united with Me and lovingly adore Me.



अपनी बुद्धि का प्रयोग हमेशा समाज कल्याण के लिए निश्वार्थ भाव से करना चाहिए.

One should always use his intellect with selfless motive for social welfare.



मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, 

लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है.

The mind is restless and difficult to restrain, 

but it is subdued by practice.



मुक्ति का मुख्य द्वार केवल भगवद् भक्ति ही है जिसे सभी को स्वीकार करना चाहिए |

The main door to liberation is only Bhagavad bhakti which everyone should accept.



एक अनुशासित व्यक्ति ही अपना तथा समाज व देश का विकास कर सकता है.

Only a disciplined person can develop himself and society and country.



केवल मन ही किसी का मित्र और शत्रु होता है, इसीलिए मन पर नियंत्रण होना अति आवश्यक है  .

Only the mind is one's friend and enemy, that's why it is very important to have control over the mind.



मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है.जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है.

Man is made by his belief. As he believes, so he is.


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मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ, मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, 

सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम हूँ...

 I am the sweet fragrance in the earth. I am the heat in the fire, 

the life in all living beings, and the austerity in the ascetics.



जैसे इस देह में देही जीवात्मा की कुमार, युवा और वृद्धावस्था होती है

वैसे ही उसको अन्य शरीर की प्राप्ति होती है, धीर पुरुष इसमें मोहित नहीं होता है।

Just as the boyhood, youth and old age come to the embodied Soul in this body, 

in the same manner, is the attaining of another body; the wise man is not deluded at that.



कर्म करने मात्र में तुम्हारा अधिकार है, फल में कभी नहीं, 

तुम कर्मफल के हेतु वाले मत होना और अकर्म में भी तुम्हारी आसक्ति न हो।

To work alone you have the right, and not to the fruits.

 Do not be impelled by the fruits of work.

Nor have attachment to inaction.



मैं सभी प्राणियों को सामान रूप से देखता हूँ,

ना कोई मुझे कम प्रिय है ना अधिक, 

लेकिन जो मेरी प्रेमपूर्वक आराधना करते हैं वो मेरे भीतर रहते हैं 

और मैं उनके जीवन में आता हूँ...

I look upon all creatures equally, 

none are less dear to me and none more dear. 

But those who worship me with love live in me, and I come to life in them.



कोई भी दुख इस संसार में इतना बडा नही है, जिसका कोई उपाय न हो,

लेकिन मनुष्य प्रयत्न ही नही करना चाहता, वह जल्दी ही हार स्वीकार कर लेता है |

No sorrow is so great in this world, which has no remedy, but man does not want to try, he accepts defeat soon.



श्रीकृष्ण कहते हैं मैं सभी प्राणियों के ह्रदय में विद्यमान हूँ |

Sri Krishna says I am present in the heart of all beings.



व्यक्ति के अन्दर विश्वास और भावना उसके पर्यावरण के अनुसार ही विद्यमान होते है.

Confidence and feelings in a person exist according to his environment.



इस दुनिया में कर्मयोग ही वास्तव में श्रेष्ठ रहस्य है.

In this world, Karma Yoga is indeed the best mystery.



भाग्य के भरोसे केवल वही लोग बैठे रहते है, 

जो जीवन में कुछ करने के लिए अंदर से प्रेरित नहीं होते |

Only those people who are not motivated from inside to do something in life, remain seated on the fate.



इस जीवन में ना कुछ खोता है ना व्यर्थ होता है.

There is nothing lost or wasted in this life.


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